अंबेडकर छात्रावास के छात्रों द्वारा धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन और जंतर-मन्तर पर जारी आमरण अनशन का समर्थन

प्रयागराज। अम्बेडकर छात्रावास द्वारा इलाहाबाद के सलोरी में धर्मेन्द्र प्रधान के खिलाफ़ जंतर मंतर पर चल रहे आन्दोलन व सोनम वांगचुक, नेहा, मनीष कुमार समेत 6 कार्यकर्ताओं द्वारा जारी आमरण अनशन के समर्थन में निकाला गया मार्च। 

इस दौरान छात्रों ने शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान का पुतला फूंकते हुए अर्थी निकाली। 

छात्रनेता श्रीकांत अंबेडकर ने बात रखते हुए कहा कि एनटीए गैर जिम्मेदार है, इसकी कोई जवाबदेही और पारदर्शिता नहीं है। एनटीए जैसी भ्रष्ट संस्था को रद्द करें और पेपर लीक की जिम्मेदारी लेते हुए धर्मेन्द्र प्रधान अपना तुरंत इस्तीफ़ा दें।

आइसा उत्तर प्रदेश के सचिव शशांक ने बात रखते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार में लेखपाल, यूपीएसआई से लेकर नीट सहित लगभग सभी परीक्षाओं में धांधली जारी है और बड़े पैमाने पर पेपर लीक जारी है। एनटीए लगातार पेपर लीक में शामिल है और शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान इसकी ज़वाबदेही तय नहीं कर रहे हैं इसलिए उनको तुरंत इस्तीफ़ा देना होगा और एनटीए को ख़त्म करना होगा। 

आइसा उत्तर प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक ने कहा जंतर मंतर पर चल रहा आंदोलन शिक्षा–रोजगार को बचाने के लिए, परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करवाने के लिए चल रहा है। भाजपा सरकार में यह लड़ाई प्रदेश से लेकर देश भर में जारी है लेकिन सरकार के मंत्री जवाबदेही से लगातार बच रहे हैं। इसलिए बतौर गैर जिम्मेदार शिक्षामंत्री उनको अपने पद को छोड़ देना चाहिए। 

इस दौरान छात्रों ने ‘पेपर चोर गद्दी छोड़’, ‘पेपर लीक नहीं चलेगा’ जैसे नारे लगाते हुए धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग को तेज किया और इलाहाबाद में बड़े आंदोलन की चेतावनी दी। इस कार्यक्रम में विवेक, भूपेंद्र, सुमित, महेंद्र, आर्यन, उमेश चौधरी, बृजेश, अशोक, अंकुर समेत अम्बेडकर छात्रावास के सैकड़ों अंतः वासी शामिल रहे।

(जनचौक ब्यूरो)

Leave a Reply